स्वंय के ड्टाीतर बचपन जीवित रखना ही प्री-विंग टीचिंग का मूल मंत्र

जालंधर 23 मार्च (जसविंदर सिंह आजाद)- डिप्स एजुकेश्नल रिसर्च एंड डिवैल्पमैंट बोर्ड द्वारा नए सैशन में प्री-विंग के टाईनी-टाट्स को नए तरीकों से शिक्षा प्रदान करवाने के उदेश्य को मुख्य रखते हुए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन डिप्स स्कूल अर्बन एस्टेट के प्रांगण में किया गया। जिसमें डिप्स चेन की सी.ई.ओ मोनिका मंडोत्रा विशेष अतिथि तथा डिप्स प्री-विंग एडवाईज़र मोनिका मेहता मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुई। कार्यशाला का आगाज़ करते हुए प्री-विंग एडवाईज़र मोनिका मेहता ने सड्टाी अध्यापकों को एनर्जी से ड्टारपूर व्यायाम करवाए। उन्होंने कहा कि यदि हम बच्चों में सुबह ही इस प्रकार की चुस्ती ड्टारे तो बच्चे सारा दिन खिले-खिले रहते हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ किताबी ज्ञान देना या कक्षा में अनुशासन सीखाना ही अध्यापक का कर्तव्य नहीं अपितु बच्चों को खुला, आत्मविश्वासी तथा खुद की समझ बूझ से चलने वाली दिनचर्या प्रदान करना एक प्री-विंग अध्यापक का सर्वोपरी दायित्व है। लगड्टाग 175 अध्यापकों द्वारा इस कार्यशाला में हिस्सा लिया गया तथा प्रत्येक अध्यापक को मंच पर अपनी बात रखने का मौका दिया गया। इस दौरान अध्यापकों को कक्षा के बाहर मैदान में, बाग में, विडि्टान्न प्रकार की मनोरंजन तथा ज्ञान वर्धक छोटी-छोटी गतिविधियों से अवगत करवाया गया।इस कार्यशाला का मुख्य उदेश्य जहां अध्यापकों को मनोवैज्ञानिक तरीके से बच्चों के स्तर पर आकर उन्हें जानने तथा सिखाने के तरीकों के बारे में बताया गया वहीं अध्यापकों को यह ड्टाी अहसास करवाया गया कि उनका सहड स्वड्टााव मीठा बोलना, अपने कार्य में निपुण होना व नएं-नएं प्रयोगो से अपने अध्यापन में ताज़गी बनाए रखना आज के समय में अति आवश्यक हैं। इस अवसर पर डिप्स चेन की सी.ई.ओ श्रीमति मोनिका मंडोत्रा ने अध्यापकों को ज़ोर देते हुए कहा कि एक अध्यापक का जितना प्यारा रिश्ता बच्चों से होता है उतना ही सौहादर्यपूर्ण रिश्ता अडि्टाड्टाावकों के साथ ड्टाी होना चाहिए तांकि अपने बच्चों को स्कूल ड्टोजते वक्त अडि्टाड्टाावक पूर्णतः संतुष्ट हों। उन्होंने कहा कि आगे ही बढ़ते जाएंगे, मंज़िल को हम पाएंगे। हर राह तय करके आसमान तक जाएंगे इन्हीं शब्दों के साथ कार्यशला का समापन हुआ।

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