डिप्स ड्टाोगपुर में स्वामी विवेकानंद जी के जन्मदिवस पर कार्यक्रम अयोजित

खुद को कमज़ोर समझना सबसे बड़ा पाप है- रमनीक सिंह
जालंधर 11 जनवरी (जसविंदर सिंह आजाद)- खुद को कमज़ोर समझना सबसे बड़ा पाप है। महान पुरूषों का एक वचन हमारे जीवन को बदलने की क्षमता रखता है। जो खुद को समझ गया वह हर मुश्किल को जीत जीवन में हर मुकाम को हासिल कर सकता है। यह शब्द मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डिप्स चेन के सी.ए.ओ रमनीक सिंह ने डिप्स स्कूल ड्टाोगपुर के प्रांगण में स्वामी विवेकानंद जी के जन्म दिवस के उपलक्ष्य पर आधारित एक कार्यक्रम दौरान कहे। जिसमें उन्होंने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन से सड्टाी विद्यार्थियों को प्रेरणा लेने के प्रेरित किया तथा कहा कि आज जरूरत है हमें खुद को समझने की तांकि हम अपने अंदर के हुनर को पहचान कर अपने जीवन के उस मुकाम तक पहुँच सके जिसे हम प्राप्त करना चाहते हैं। कार्यक्रम का आगाज़ स्कूल की छात्रा द्वारा कविता की पंक्तियों विवेकानंद तुम जीते जग हारा, तेरे कारण धन्य हो गया ड्टाारत वर्ष हमारा के साथ किया गया। इसी के साथ स्कूल की प्रिंसीपल रमिंदर कौर ने पावर प्वाइंट प्रैज़नटेशन के माध्यम से विद्यार्थियों को विवेकानंद जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके ज्ञान में वृद्धि की। इसी के साथ सीनियर कक्षा के विद्यार्थियों ने स्वामी जी पर आधारित एक नाटक का मंचन किया जिसमें उनके जीवन के उदेश्य को प्रदर्शित किया गया। नाट्क का अंत स्वामी जी की पंक्तियों जिस समय पर जिस काम के लिए प्रतिज्ञा करो, ठीक उसी समय पर उसे करना चाहिए, नहीं तो लोंगो का विश्वास उठ जाएंगा। इन पंक्तियों से सड्टाी विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि हर काम को समय पर समाप्त करना चाहिए। इस अवसर पर स्कूल का सारा स्टाफ ड्टाी उपस्थित था?

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