जस्टिस मार्कण्डेय सेंट सोल्जर में छात्रों से हुए रूबरू

जालंधर 15 अप्रैल (जसविंदर सिंह आजाद)- भारत का सविधान लिखने वाले डॉक्टर बी आर आंबेडकर जी के जनम दिवस को मनाने के लिए स्टेट लेवल सेमिनार ” डॉक्टर आंबेडकर : दा आर्किटेक्ट ऑफ़ इंडियन कॉस्न्टीटूशन ” के नाम पर आयोजित किया गया। सेमिनार का उद्घाटनी सेशन का उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और प्रेस कॉन्सिल ऑफ इंडिया जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने किया और चेयरमैन अनिल चोपड़ा ने इस सेशन को चेयर किया। जिला बार एसोसिएशन के प्रेजिडेंट एडवोकेट नरिंदर सिंह, एम् डी मनहर अरोड़ा, डायरेक्टर डॉक्टर सुभाष शर्मा, जॉइंट सेक्रेटरी राहुल रामपाल, प्रिंसिपल डॉक्टर अलका गुप्ता, डॉक्टर वीना दादा, डॉक्टर गुरप्रीत सिंह ने जस्टिस मार्कण्डेय काटजू का स्वागत किया। डॉक्टर आंबेडकर को उनके जनम दिवस पर शर्धांजलि अर्पित कर और ज्योति प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। पंजाब के भिन भिन इंस्टीटूशन्स से डॉक्टर मनोज शर्मा, डॉक्टर दिनेश अरोड़ा, डॉक्टर वरिंदर सिंह, डॉक्टर सुरुचि कोहली ,प्रोफेसर सिम्मी थिंद ,प्रोफ अमृतपाल ,डॉक्टर इंदरजीत, प्रोफ रूबी, प्रोफ मोनिका, प्रोफ परमिंदरजीत आदि ने सेमिनार में अपने पेपर प्रेजेंट किए। अपने उद्घाटनी भाषण में जस्टिस काटजू ने भारत का सविधान बनाने में डॉक्टर बी आर आंबेडकर के योगदान को याद किया जिन्होने संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, जापान और यूके जैसे विकसित लोकतंत्रों से मौलिक अधिकारों और संसदीय प्रथाओं को उधार लेकर हमारा सविधान बनाया। चूँकि भारतीय जनसंख्या और इसकी सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था सामंती थी, इसलिए विषमताओं, गरीबी, भुखमरी और बीमारी से पूर्ण विकसित, इस प्रणाली ने लिबर्टी समानता और बंधुत्व के रूप में उच्च आदर्शों को प्राप्त करने के लिए काम नहीं किया है। हमारे राजनेताओं और राजनीतिक दलों के सस्ते मूल्य प्रणाली and aspirations ने भारत को भ्रष्टाचारी और जाति-विरोधी समाज बना दिया है। उन्होंने संविधान के लक्ष्य को याद दिलाया – समानता धर्मनिरपेक्षता, बंधुत्व सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक न्याय। जस्टिस काटजू ने भविष्यवाणी की कि 2019 का चुनाव कुपोषण, बेरोजगारी और गरीबी को दूर करने के लिए कोई संतुष्टि नहीं ला सकता है। वह चाहते थे कि भारत का तेजी से औद्योगीकरण चीन और अमरीका के बराबर हो और एक विकसित देश बने। वह चाहते थे कि युवा और प्रबुद्ध भारतीय इस अवसर पर बढ़ें और एक नए भारत का निर्माण करें।इस अवसर पर उन्होने छात्रों से बात की और उन्हें ईमानदार नागरिक बनने को कहा। चेयरमैन अनिल चोपड़ा व कॉलेज मैनेजमेंट ने जस्टिस मार्कण्डेय को बहुत बहुत धन्यवाद् देते हुए सन्मानित किया।

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