एकनयन तू पालनहार

वीरभद्र और कालभैरव तेरे रूप हज़ार,
एकपाद और एक लिंगम नामों का भण्डार,
तीनो लोक में तेरा डंका,
आप बनाकर जलादी लंका,
एकनयन तू पालनहार,
कालकण्ठ करता संघार

वेदों का तू तर्क ज्ञानी,
भोले बाबा तू शमशानी,
दक्ष प्रजापति ने दहाड़ा,
नाश कियो प्रभु दास तुम्हारा,
सीस लगाके कर दिया ज़िंदा उसे लगाया पार,
एकनयन तू पालनहार,
कालकण्ठ करता संघार

जिसका रक्षक तू बन जाये,
मौत भी उसको छू ना पाये,
खोल जटा कर तांडव खेले,
भूतों के संग लगाये मेले,
जटा से तेरे बहती पावन गंगा की ये धार,
एकनयन तू पालनहार,
कालकण्ठ करता संघार

महामृत्युंजय मंत्र की जो,
माला फेरे शव ज़िंदा हो,
शिव और शव में धोड़ा अंतर,
यशु जान के भोले शंकर,
तू ही सच्चा तू पक्का माँ पार्वती का प्यार,
एकनयन तू पालनहार,
कालकण्ठ करता संघार
-यशु जान, संपर्क : 78143-94915

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